मध्यप्रदेश में राज्य मंत्रिमण्डल ने आवास गारंटी विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. आवास गारंटी विधेयक के तहत गरीब और आवासहीन व्यक्तियों को मकान बनाने हेतु राज्य सरकार द्वारा भूखण्ड आवंटित किए जाएँगे.
इसके अलावा मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने एक दर्जन अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी.
इसके अलावा मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने एक दर्जन अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी.
मुख्य तथ्य-
- आवास गारंटी विधेयक को लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है.
- आवास गारंटी विधेयक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निर्धारित लक्ष्य वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास मिशन को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
- विधेयक को 20 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में प्रस्तुत किया जाएगा.
- राज्य के गरीब और उपेक्षित आवासहीनों को घर उपलब्ध कराने हेतु राज्य मंत्रीपरिषद ने एतिहासिक बिल को मंजूरी दी.
- नये कानून आवास गारंटी विधेयक का लाभ मध्य प्रदेश में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रदान किया जाएगा.
शिवराज कैबिनेट द्वारा स्वीकृत अन्य प्रस्ताव-
- 5,200 करोड़ का अनुपूरक बजट को भी मध्यप्रदेश राज्य सरकार मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी. यह अनुपूरक बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष हेतु होगा.
- शिवराज कैबिनेट ने वेट संशोधन विधेयक को भी मंजूरी प्रदान की.
- 125 नायब तहसीलदारों की सीधी भर्ती करने का निर्णय लिया गया.
- मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों हेतु आवशयक उपकरण एवं अन्य सामग्री की खरीद अब एम्स की तर्ज करने का प्रावधान किया गया. जिसके तहत अस्पतालों में एक लाख से ऊपर की खरीद केंद्रीय उपक्रमों के माध्यम से किए जाने का निर्णय किया गया.
- एक लाख तक और इससे कम की खरीदी के अधिकार मेडिकल कॉलेज डीन को दिए गए.
- भोपाल के समरधा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आगर में पॉलीटेक्निक खोलने को मंजूरी दी गई.