मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 लोकसभा में ध्वनि मत से पारित कर दिया गया. मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 के अनुसार शराब के नशे में या खतरनाक ढ़ग से वाहन चलाने, ओवर लोडिंग करने और चालकों द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न करने जैसे गंभीर अपराधों हेतु विधेयक में भारी दंड का प्रावधान किया गया है.
परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 के माध्यम से विभिन्न उपाय कर इस समस्या से निपटने की कोशिश की गई है. नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना का भी प्रावधान है.
मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2016 सात अप्रैल 2017 को लोकसभा में पेश किया गया. अधिनियम में संशोधनों को 31 मार्च, 2017 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली. विधेयक को बीते वर्ष अगस्त 2016 में लोकसभा में पेश किया गया.
मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 प्रमुख तथ्य-
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को कानूनी उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान किया जा सकेगा.संशोधित विधेयक में नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने के दौरान हुई दुर्घटना पर गाड़ी के मालिक को तीन साल जेल की सजा तथा दुर्घटना का शिकार हुए पीड़ित को 10 गुना अधिक मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान है.मानव जीवन के महत्व के दृष्टिगत विधेयक में निर्णय किया है कि सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाएं.जिन स्थानों पर सडक के मध्य क्रॉसिंग होगी, वहाँ सोलर लाइट सिस्टम के माध्यम से सिग्नल सिस्टम को सुचारू किया जाएगा.सड़कों के दोनों किनारों पर चमकने वाली मार्किंग को उचित गुणवता पूर्वक किया जाए.परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि मार्किंग में रात के समय चमक लाने के लिए मार्किंग के पेंट में स्पेशल पेंट मिलाया जाए जिससे वाहन चाक को रत के समय सड़कों के किनारे आराम से समझ में आए.सड़कों पर बके स्पीड ब्रेकर्स में सुधार किया जाए. पहाड़ी क्षेत्रों में सभी जगह क्रैश बैरियर लगाने के नियम बनाए गए है जिससे कि कोई बस खाई में न गिर सके.
परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 के माध्यम से विभिन्न उपाय कर इस समस्या से निपटने की कोशिश की गई है. नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना का भी प्रावधान है.
मोटर वाहन अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2016 सात अप्रैल 2017 को लोकसभा में पेश किया गया. अधिनियम में संशोधनों को 31 मार्च, 2017 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली. विधेयक को बीते वर्ष अगस्त 2016 में लोकसभा में पेश किया गया.
मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 प्रमुख तथ्य-
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को कानूनी उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान किया जा सकेगा.संशोधित विधेयक में नाबालिग द्वारा गाड़ी चलाने के दौरान हुई दुर्घटना पर गाड़ी के मालिक को तीन साल जेल की सजा तथा दुर्घटना का शिकार हुए पीड़ित को 10 गुना अधिक मुआवजा प्रदान करने का प्रावधान है.मानव जीवन के महत्व के दृष्टिगत विधेयक में निर्णय किया है कि सड़कों के किनारे क्रैश बैरियर लगाए जाएं.जिन स्थानों पर सडक के मध्य क्रॉसिंग होगी, वहाँ सोलर लाइट सिस्टम के माध्यम से सिग्नल सिस्टम को सुचारू किया जाएगा.सड़कों के दोनों किनारों पर चमकने वाली मार्किंग को उचित गुणवता पूर्वक किया जाए.परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि मार्किंग में रात के समय चमक लाने के लिए मार्किंग के पेंट में स्पेशल पेंट मिलाया जाए जिससे वाहन चाक को रत के समय सड़कों के किनारे आराम से समझ में आए.सड़कों पर बके स्पीड ब्रेकर्स में सुधार किया जाए. पहाड़ी क्षेत्रों में सभी जगह क्रैश बैरियर लगाने के नियम बनाए गए है जिससे कि कोई बस खाई में न गिर सके.